संस्कृत में शरीर के अंगों के नाम - Hindi GK PDF
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संस्कृत में शरीर के अंगों के नाम

संस्कृत में शरीर अंगों के नाम
Written by Rakesh Kumar

संस्कृत में शरीर के अंगों के नाम

संस्कृत में शरीर के अंगों के नाम:- आज इस लेख के माध्यम से हम आप को संस्कृत में शरीर के अंगों के नाम के बारे में हिंदी, अंग्रेजी तथा Sanskrit में जानकारी प्रदान करेंगे| शरीर को Sanskrit भाषा में क्या कहते हैं तथा शरीर के विभिन्न अंगो के Sanskrit में क्या-क्या नाम हैं, इन सब के बारे में विस्तार से जानेंगे?

इससे पहले की पोस्ट के माध्यम से हम आप को “संस्कृत में जानवरों के नाम” के बारे में विस्तारपूर्वक बता चुके हैं।

संस्कृत में शरीर के अंगों के नाम:-

आज संस्कृत भाषा में हम  शरीर के अंगों के नाम पढ़ेंगे। मानव शरीर की रचना के अनेक अंग होते हैं जिनमे नाक, कान, मूह, गर्दन, पेट, पैर आदि| इन सभी अंगो से मिलकर हमारे शरीर की रचना हुई है| इन अंगो के द्वारा हम अपने दैनिक जीवन के सभी कार्य बड़ी आसानी व सुविधा के साथ कर सकते हैं|

मनुष्य को इस रचना का सबसे शक्तिशाली तथा बुद्धिमान प्राणी माना जाता है| आज के समय में मानव ने आकाश से लेकर पाताल तक हर जगह अपनी पहुँच बना ली है| मानव की रचना भी सभी प्राणियों से बिलकुल अलग है| आज हम आप को मानव शरीर के विभिन्न अंगो के  नाम Sanskrit में बताने जा रहे है|

Sanskrit Mein Sharir ke Ango ke Naam

साथ ही इनको आपकी सुबिधा के लिए अंग्रेजी तथा हिंदी में भी Provide किया गया है ताकि आप सभी इनको आसानी से पढ़ कर याद कर सकें| तो आइये जानते हैं Sanskrit भाषा में शरीर के अंगो के बारे में-

संस्कृत में शरीर के अंगों के नाम:-

Hindi       English     Sanskrit

 

चेहरा        Face         मुखः

पलक        Eyelid        पक्ष्मः

हड्डी         Bone          अस्थिः

अंगुली       Finger       अंगुलिः

हाथ का अँगूठा       Thumb       अंगुष्ठः

माथा        Forehead     ललाटम् /मस्तकम्

सिर         Head         शिरः/शीर्षम्

बुद्धि        Wisdom      प्रज्ञाः

मन         Mind        चित्तम्/मनः

स्तन        Breast       स्तनः

फेफड़ा        Lung        फुफ्फुसः

कमर        Waist        कटिः

पीठ         Back         पृष्ठम्

पेट          Stomach /Belly उदरम्

छाती        Chest        उरः /वक्षःस्थलम्

ऊपरी होठ     Upper lip      ओष्ठः

निचला होठ   Lower lip      अधरम्

गला         Throat        कण्ठः

पुतली        Pupil         कनीनिका

खोपड़ी       Skull         कपालः

गाल         Cheek       कपोलः

ठुड्डी        Chin         चिबुकम्

हाथ         Hand          करः / हस्तः/पाणिः

दाढ़ी         Beard        कूर्चम्

हथेली        Palm        करतलम्

कान         Ear          कर्णः/श्रोतम्

सफेद बाल    White Hair    पलितकेशः

बाल         Hair         केशः / शिरोरूहः

गरदन        Neck         ग्रीवाः

त्वचा        Skin         चर्मः /त्वक्

जीभ         Tongue             जिह्वाः /रसना

दाँत         Teeth        दन्तः

नाखून       Nail         नखः

नाक         Nose         नासिकाः

आँख        Eye          नेत्रम् /लोचनम् /नयनम् /चक्षुः

पलक        Eyelid        पक्ष्मः

तलवा        Sole         पदतलम्

आँसू         Tears        अश्रु

जाँघ         Thigh         जंघा

पैर          Leg /Foot     चरणः

घुटना        Knee        जानुः

टखना        Ankle        गुल्फः

भुजा         Arm         बाहुः

भौंह         Eyebrow      भ्रूः

कोहनी       Elbow       कूर्परः

Parts of Body in Sanskrit

कलाई        Wrist        मणिबन्धः

कंधा         Shoulder     स्कन्धः

हृदय/दिल     Heart        हृदयम्

दिमाग             Brain        मस्तिष्कः

रीढ़ की हड्डी  Spine        मेरूदण्डः

जिगर        Liver        यकृतः

खून /रक्त    Blood        रक्तम् /रूधिरम्

मूँछ         Moustaches   श्मश्रुः

Sanskrit में ये शरीर के अंगो के नाम प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थियों के साथ साथ मिडिल तथा हाई कक्षा के विद्यार्थियों के लिए भी एक समान रूप से महत्तवपूर्ण हैं।

यहां इस post में मानव शरीर के अंगों के नाम Sanskrit के इलावा हिंदी व अंग्रेजी में भी लिखे गए हैं। जिससे आपको याद करने में बहुत आसानी होगी।

इस संस्कृत  में शरीर के अंगो की लिस्ट में यदि आपको किसी बॉडी पार्ट्स का नाम नहीं मिलता तो आप हमें कमेंट बॉक्स के जरिये जरूर बताएं ताकि उसको जल्द ही आप के लिए उपलब्ध कराने की कोशिश की जा सके।

आप से हम यह उम्मीद करते हैं कि हमारे द्वारा उपरोक्त दिये गए यह  Sanskrit भाषा में शरीर के अंगों के नाम आपको अवश्य ही पसंद आयेंगें|  आप इन्हें आगे जानकारी के लिए शेयर जरूर करें। दूसरे साथी भी इनसे फायदा उठा सकते हैं| क्योंकि लगभग हर प्रतियोगी परीक्षा में किसी ना किसी शरीर के अंग के बारे में अक्सर पूछ लिया जाता है| अत: परीक्षाओं की दृष्टि से भी ये post अत्यंत उपयोगी है|

 

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